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  • Climate of Madhya Pradesh (General Knowledge)

    मध्य प्रदेश की जलवायु (Important points)

    • मध्यप्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय (sub-tropical) जलवायु क्षेत्र में स्थित है तथा यहां उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु पाई जाती है मध्य प्रदेश के पश्चिम और उत्तर पश्चिम भाग में अर्ध शुष्क (semi-arid), उत्तरी भाग में उप आद्र (sub-humid) तथा दक्षिणी पूर्वी क्षेत्र में आद्र (humid) जलवायु पाई जाती है तापमान की दृष्टि से मध्य प्रदेश का अधिकांश भाग अति तापीय (megathermal) वर्ग में आता है|
    • मध्यप्रदेश में 21° सेल्सियस की समताप रेखा (isothermal line ) राज्य को उत्तरी एवं दक्षिणी दो भागों में विभाजित करती है, जिसके कारण उत्तरी भाग का तापमान अधिक जबकि दक्षिणी भाग का तापमान कम रहता है | मध्य प्रदेश में 21 मार्च के बाद सूर्य उत्तर की तरफ प्रस्थान करने लगता है जिसके कारण तापमान में वृद्धि होती है तथा 21 जून को कर्क रेखा के निकट सूर्य लंबवत होता है, मध्यप्रदेश में ग्रीष्म ऋतु के आरंभिक काल के दौरान दक्षिणी भागों की समुद्र से निकटता और सूर्य के लंबवत होने के फलस्वरूप औसत तापमान अपेक्षाकृत अधिक तथा उत्तर पश्चिमी भाग में कम हो जाता है| इस अवधि में समताप रेखाएं अधिकांश पर पूर्व से पश्चिम कि ओर स्थान्तरित हो जाती है किंतु मई-जून में मध्यप्रदेश के मध्यवर्ती व उत्तरी भाग में सूर्य लंबवत होने के कारण औसत तापमान अधिक हो जाता है तथा दक्षिण तथा दक्षिण-पूर्व की ओर कम हो जाता है|
    • मध्य प्रदेश की जलवायु उष्ण कटिबंधीय स्वरूप प्रदान करने का श्रेय कर्क रेखा को जाता है, जो मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित 14 जिलों क्रमशः रतलाम, उज्जैन, आगरमालवा, राजगढ़, सीहोर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, उमरिया तथा शहडोल से होकर गुजरती है|

    मध्य प्रदेश में जलवायविक वर्गीकरण

    • कोपेन के अनुसार मध्य प्रदेश की जलवायु को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है| मध्य प्रदेश के दक्षिण पश्चिम व पश्चिम में स्थित बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, अलीराजपुर, धार तथा झाबुआ आदि जिलों में उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु (Aw) एवं राज्य के शेष अन्य भागों में शुष्क शीत मानसूनी जलवायु (Cwg) पाई जाती है|
    • ए. आर. सुब्रमण्यम तथा टी. श्री मन्नारायण (1991) ने मध्य प्रदेश की जलवायविक अध्ययन तापमान और वर्षा के वितरण को आधार मानकर मध्य प्रदेश की जलवायु को तीन भागों क्रमशः आद्र-शुष्क अथवा स्टेपी गर्म शीतोष्ण वर्षा जलवायु तथा उष्णकटिबंधीय आद्र एवं शुष्क जलवायु में वर्गीकृत किया गया है|
    • जलवायु के आधार पर मध्य प्रदेश को चार भागों में विभाजित किया गया है:- उत्तर का मैदान, मालवा का पठार, विंध्य पर्वतीय क्षेत्र, नर्मदा सोन घाटी |

    मध्यप्रदेश कि जलवायु सम्बन्धी मुख्य तथ्य

    • मध्यप्रदेश में न्यूनतम वर्षा – गोहद (भिंड)
    • मध्यप्रदेश में सर्वाधिक ठंड – शिवपुरी व मुरैना
    • मध्यप्रदेश में सर्वाधिक वर्षा – पचमढ़ी होशंगाबाद
    • मध्यप्रदेश में सर्वाधिक गर्मी – गंज बासौदा विदिशा

    मध्य प्रदेश में वर्षा का वितरण

    • मध्य प्रदेश के दक्षिण व दक्षिण – पूर्वी भाग में स्थित बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी तथा अनूपपुर जिलों में वार्षिक वर्षा 125 से 150 सेमी. के मध्य होती है |
    • मध्यप्रदेश के मध्यवर्ती तथा उत्तर -पूर्वी भाग में स्थित रायसेन, सागर, दमोह, भोपाल, विदिशा, सीधी तथा छतरपुर जिले में वार्षिक वर्षा 75 से 100 सेमी. के मध्य होती है |
    • मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिम व उत्तरी भाग में स्थित इंदौर धार, उज्जैन, रतलाम, दतिया, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, अलीराजपुर, सीहोर तथा शाहजहांपुर आदि जिलों में औसत वार्षिक वर्षा 75 सेमी से कम होती है |
    • मध्य प्रदेश मानसूनी जलवायु वाला प्रदेश है | यहां पर पायी जाने वाली ऋतु में तापमान की विभिन्नता रहती है | प्रदेश में सर्वाधिक तापमान मई माह में तथा सबसे कम जनवरी में होता है, लेकिन सर्वाधिक दैनिक तापांतर (दिन रात के तापमान का अंतर )मार्च माह में पाया जाता है |
    • मध्यप्रदेश के भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, शिवपुरी आदि जिले निम्न वर्षा वाले क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं रीवा, सतना, सीधी औसत से कम वर्षा वाले तथा बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा जिले औसत से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र में आते हैं |

    मध्यप्रदेश में उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु पायी जाती है तथा शीत ऋतु को सियाला, ग्रीष्म ऋतु को युनाला एवं वर्षा को चौमासा के नाम से जाना जाता है | सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के अंतर्गत स्थित पचमढ़ी(होशंगाबाद) को सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान होने के कारण मध्य प्रदेश का चेरापूंजी कहा जाता है| मध्य प्रदेश में पूर्व से पश्चिम की ओर एवं दक्षिण से उत्तर की ओर जाने पर वर्षा की मात्रा क्रमशः घटती जाती है|

  • Assam – General Introduction

    Assam – General Introduction (General Knowledge)

    Assam is a state in northeastern India known for its wildlife, archeological sites and tea plantation. Assam is surrounded by other North Eastern and Eastern Indian states ( Arunachal Pradesh Manipur Nagaland Meghalaya Mizoram Tripura and West Bengal) and International border with Bhutan and Bangladesh.

    • State name – Assam
    • Country – India
    • Foundation – 15 August 1947
    • Population – 3,11,69,272
    • Area – 78438sq km.
    • Capital – Dispur
    • Governor – Professor Jagdish mukhi
    • Chief Minister – Sarbananda Sonowal
    • Parliamentary constituency – Rajya Sabha – 07 Lok Sabha – 14
    • District – 33
    • High court – Guwahati
    • State Song – O mor apnor desh (Laxmi nath Bejbroba)
    • State Language – Asamiya,Bodo
    • State Dance – Bihu
    • State flower – Dropadi mala
    • State tree – Hollong
    • State Animal – One horned Rhinoceros
    • State Bird – White winged wood duck
    • State River – Brahmaputra
  • Manipur (General Introduction)

    Manipur – General Introduction (General Knowledge)

    Manipur is a state in northeast India known for its lakes, wildlife and cultural heritages.

    • State – Manipur
    • Country – India
    • Capital – Imphal
    • Date of Foundation – 21 January 1972
    • Chief Minister – Biren Sing
    • Governor – Dr. Najma Heptulla
    • Rajya Sabha – 02 seats
    • Lok Sabha – 60 seats
    • Legislative Assembly Name – Manipur Legislative Assembly
    • Districts – 16
    • Total Area – 22,327km
    • Population – 28,55,794
    • Literacy Rate – 79.85%
    • Neighboring state – Mizoram, Assam, Nagaland
    • Neighboring Country – Myanmar
    • State language – Meithei
    • State River – Barak River
    • Biggest Lake – Loktak (Largest fresh water lake in India)
    • State Dance – Manipuri Dance (Raslila)
    • State Anthem – Sana Leibak Manipur
    • State Animal – Sangai
    • State bird – Mrs. Hume’s pheasant
    • State flower – Lillium Macklinian
    • State fruit – Pineapple
    • State Tree – Phoebe hainesiana
  • Tribes of Madhya Pradesh

    ट्राइब्स ऑफ़ मध्यप्रदेश (सामान्य ज्ञान)

    • मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति आयोग का गठन वर्ष 1995 में किया गया था |
    • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) के अंतर्गत, प्रदेश में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण तथा अनुसूचित जातियों के हितों कि रक्षा के लिए सुझाव देने हेतु मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल का गठन किया गया है |इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री एवं उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री होते है |अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल में 25 सदस्य होते है |
    • मध्य प्रदेश में जनजाति संग्रहालय भोपाल में स्थित है|
    • मध्य प्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम की स्थापना कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के अंतर्गत 29 सितंबर, 1994 को की गई इसका उद्देश्य जनजातीय समाज का आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास करना है|
    • मध्य प्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद की स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी, जिसका उद्देश्य जनजातीय वर्ग के शिक्षित बेरोजगारों युवाओं के लिए तकनीकी एवं व्यवहारिक क्षेत्र में कुशलता का विकास कर उनके आर्थिक अवसरों में वृद्धि करना है |
    • वर्ष 1980 में वन्या प्रकाशन की स्थापना अनुसूचित जनजाति, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संयुक्त उपक्रम के रूप में हुई थी जिसका उद्देश्य प्रदेश की आदिवासी संस्कृति से संबंधित श्रेष्ठ साहित्य को आदिवासी समाज तक पहुंचाना है|
    • 20 मार्च, 1980 में उद्यमी विकास संस्थान की स्थापना की गई थी| इसका उद्देश्य अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति तथा आर्थिक रूप से पिछड़े हुए व्यक्तियों को उद्योग स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण तथा आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान करना है|
    • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 341 में सूचीबद्ध जातियां अनुसूचित जातियां कहलाती है|
    • इस समय 47 से अधिक जातियां मध्य प्रदेश में है |
    • राज्य कि सबसे बड़ी अनुसूचित जाति जाटव है |
    • सर्वाधिक अनुसूचित जाति इंदौर जिले में है |
    • न्यूनतम अनुसूचित जाति झाबुआ जिले में है |
  • Madhya Pradesh-General Knowledge (Part-4)

    मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान (भाग-4)

    • अटल सागर परियोजना मध्य प्रदेश के जिला शिवपुरी में निर्मित है |
    • ग्वालियर जिले के खुरेरी तालाब पर राष्ट्रीय स्तर का प्रथम पक्षी पार्क स्थापित किया गया है|
    • प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित बांचा गांव में देश का पहला सौर्य ऊर्जा चलित चूल्हे पर खाना पकता है |
    • प्रदेश के सीहोर जिले की मेघा परमार ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया|
    • भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन पर आधारित देश का प्रथम अंतर्राष्ट्रीय पार्क रायसेन जिले के सांची में है |
    • मध्य प्रदेश के बरवेट गांव के मधुसूदन पाटीदार ने बर्फ कि सबसे ऊंची पहाड़ी माउंट एल्ब्रस पर तिरंगा फहराया|
    • देश का प्रथम कौशल विकास विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश में स्थापित किया गया|
    • नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक (एनजेजीबी) देश का पहला मूक बधिर फ्रेंडली बैंक है|जो कि सांकेतिक भाषा का उपयोग करती है |
    • मध्य प्रदेश के इंदौर जिले को स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रथम स्थान प्राप्त हुआ |
    • बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में मध्य प्रदेश को चयनित किया गया |
  • Madhya Pradesh – Important Sportsperson (Part-1)

    मध्य प्रदेश के प्रमुख खिलाड़ी एवं सम्बंधित खेल स्पर्धाएं (भाग-1)

    हॉकी – शिवेंद्र सिंह, असलम शेर, शंकर लक्ष्मण, रूप सिंह, नीता डूमरे, मीर रंजन नेगी, ओलंपियन सैयद जलालुद्दीन, आर. ए. कृष्टि, मसूद ओलंपियन जलील अहमद नैनपुर, यसूद, शमसुदीन, शहाबुद्दीन, हसन खान, माइकल रोस्क्यू, समीर दाद |

    क्रिकेट – ईश्वर पांडे, मोहनीश मिश्रा, ऋषिकेश कानिटकर, सी के नायडू, मेजर जगदाले, मुस्ताक अली, चंदू सरवटे, अशोक जगदाले, कीर्ति पटेल, राजेश्वरी ढोलकिया, भगवान दास, अमिताभ विजयवर्गीय, नरेंद्र हिरवानी, सोहेल अंसारी, महमूद हसन, नमन ओझा, अजितेश अर्गल, श्वेता मिश्रा, अमय खुरासिया, जे पी यादव |

    फुटबॉल – एंब्रोस नीमच, हफिज अहीर, तरसेम माइकल नाथ, डी. सेनापति (महू), प्रहलाद, राजू सैनी, ताराचंद्र, नेमीचंद नरेश, यदु, मानसिंह तेलंग, गुरु प्रसाद शर्मा, राजा महेंद्र बहादुर|

    टेबल टेनिस – जाल गोदरेज (इंदौर), रीता जैन, पूजा शर्मा, नेहा मेहता, कर्म मणीक, पंकज घाघरिया, पंकज सत्यपथी, ज्योति मेहता, रिंकू आचार्य|

    शतरंज – रफीक खान, किरण अग्रवाल, एन सुधाकर बाबू, एम. चंद्रशेखर|

  • Arunachal pradesh (Important Notes)

    Arunachal Pradesh (Important Notes)

    It is a state in Northeast India. It borders the states of Assam and Nagaland to the south. It shares international borders with Bhutan in the west, Myanmar in the east, and a disputed border with China in the north at the McMahon Line. Itanagar is the state capital of Arunachal Pradesh. Arunachal Pradesh is the largest of the Seven Sister States of Northeast India by area.

    • State name – Arunachal Pradesh
    • Country – India
    • Foundation day – 21st January 1972
    • State – 20th February 1987
    • Capital – Itanagar
    • Governer – B.D. Mishra
    • Chief Minister – Pema Khandu
    • Legislature – Unicameral
    • Parliamentary Constituency – Rajya sabha (60 seats) Lok sabha (2 seats)
    • Largest city – Itanagar
    • District – 25
    • High court – Guwahati High Court Itanagar branch
    • Geographical Area – 83,743 km(32,333 sq. mi)
    • State flower – Foxtail Orchid
    • State Tree – Holling
    • State Animal – Mithun
    • State Bird – Great Hornbill
    • State River – Kameng , Tirap, Dibang,Subansiri, Lohit, Brahmaputra, Dihing, Namaka Chu, Smudrango.
    • Language – English
    • State Fruit – Kiwis

  • Brief note on Shadow Cabinet

    The shadow cabinet or shadow ministry is a feature of the Westminster system of government. It consists of a senior group of opposition spokespeople who, under the leadership of the Leader of the Opposition, form an alternative cabinet to that of the government, and whose members shadow or mirror the positions of each individual member of the Cabinet. Members of a shadow cabinet have no executive power. It is the shadow cabinet’s responsibility to scrutinise the policies and actions of the government, as well as to offer alternative policies. The shadow cabinet makes up the majority of the Official Opposition Frontbench. In most countries, a member of the shadow cabinet is referred to as a shadow minister. In the United Kingdom’s House of Lords and in New Zealand, the term spokesperson is used instead of shadow. In Canada, however, the term opposition critic is more common.

    The shadow minister’s duties may give them considerable prominence in the party caucus hierarchy especially if it is a high-profile portfolio. Although the salary and benefits paid from the public treasury to shadow ministers remain the same as for a backbencher, some opposition parties provide an additional stipend in addition to the salary they receive as legislators while many at least reimburse shadow ministers for any additional expenses incurred that are not otherwise eligible for reimbursement out of public funds. Moreover, in most Westminster- style legislative bodies all recognized parliamentary parties are granted a block of public funding to help their elected members carry out their duties, often in addition to the budgets individual legislators receive to pay for constituency offices and other such expenses. There is typically a stipulation that such funds must be used for official parliamentary business, however within that restriction parties can usually distribute the funds among their elected lawmakers as they see fit and rhereby provide the money needed to staff and support shadow ministries.

    One of the outstanding features of the British Parliamentary system is the shadow cabinet. The opposition party forms its own cabinet that would parallel that of the ruling party. They work under the Leader of Opposition and will have expert party workers or neutral members assisting them. Each cabinet minister and his team are matched with a shadow minister in the Opposition. Just as there would be unelected expert advisors in the cabinet minister’s team, the shadow minister also would have his own team. The shadow ministers neither have powers nor any extra payment, but they serve an important purpose. They get trained in governance while in the Opposition.

    Each minister will have an in-depth knowledge of the portfolio he/she may be handling when his/her party gets power. The debates in the Parliament or Legislative Assemblies will become more informed instead of the cacophony Indian elected Houses are notorious for. This would make the life of the ruling party difficult in an informed and civilised way. The crux of democracy is that no government, whatever be the size of majority in the Parliament, can get away with autocratic and arbitrary decisions at the whims of its leader. Every act will have to be debated in the Parliament or Legislative Assembly. It is the debate that informs the public about the various aspects of any law that is being enacted.

    Source: Wikipedia and The New Indian Express

  • Madhya Pradesh Railways (Part-I)

    मध्य प्रदेश रेलवे से सम्बन्धित सामान्य ज्ञान

    मध्यप्रदेश में रेलवे से सम्बन्धित संस्थान

    (1) वर्ष 1951 से पूर्व मालवा से गुजरने वाली रेलवे लाइनें दो स्वतंत्र प्राधिकरणों के अधीन आती थी – (1) राजपूताना मालवा रेलवे, इन्दौर से उज्जैन तक,(2) होलकर स्टेट रेलवे,इन्दौर से खण्डवा तक ।

    (2) मध्यप्रदेश में एकमात्र रेलवे जोन की स्थापना वर्ष 1998 में पश्चिम मध्य रेलवे’ के नाम से जबलपुर में हुई ।

    (3) रेलवे स्लीपर बनाने का कारखाना वनखेड़ी (बुधनी) में है, तथा नवीन स्लीपर कारखाना झाबुआ में प्रस्तावित है।

    (4) रेलवे भर्ती बोर्ड का मुख्यालय भोपाल में है।

    (5) रेलवे ट्रैक्शन (विद्युत इंजिन) भेल पिपलानी (भोपाल) में है।

    (6) रेल स्प्रिंग बनाने का कारखाना सिथौली (ग्वालियर) में है।

    (7) वैगन रिपेयर वर्कशॉप सतना में है।

    (8) डीजल लोकोमोटिव्ह कारखाना इन्दौर व विदिशा में है तथा तीसरा सीहोर के श्योपुर में निर्माणाधीन है।

    (9) इलेक्ट्रिक एवं डीजल लोको शेड-कटनी व इटारसी में है।

    (10) कोच रिपेयर वर्कशॉप भोपाल के निशातपुरा में है।

    (11) भारत के 17 रेलवे जोनों में एक मध्यप्रदेश में है।

    (12) मध्यप्रदेश में पश्चिम मध्य रेलवे जोन के नाम से जबलपुर में रेलवे जोन स्थापित किया गया।

    (13) प्रदेश के बुधनी (सीहोर) में रेल्वे स्लीपर बनाने का कारखाना है प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन इटारसी में है।

    (14) मध्यप्रदेश में तीन रेलवे क्षेत्र मध्य रेलवे, पश्चिमी रेलवे तथा दक्षिण-पूर्वी रेलवे हैं।

    (15) मध्यप्रदेश के ग्वालियर, भोपाल, रीवा, जबलपुर में मध्य रेलवे द्वारा रेल परिवहन होता है।

    (16) पश्चिम रेलवे द्वारा प्रदेश के इंदौर, देवास, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर में रेल परिवहन संचालित होता है।

    (17) दक्षिण-पूर्वी रेलवे द्वारा प्रदेश के शहडोल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी जिलों में परिवहन होता है।

    (18) प्रदेश में रेल सेवा आयोग तथा रेल सेवा विभाग का मुख्यालय भोपाल में है।

    (19) मध्यप्रदेश के भोपाल से दिल्ली चलने वाली भोपाल एक्सप्रेस 1.S.0-9001 प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाली देश की पहली ट्रेन है।

    (20) भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन को प्रमाण पत्र प्राप्त करने I.S.O-9001 का गौरव हासिल है।

    (21) मध्यप्रदेश से गुजरने वाले रेल मार्ग-
    (1) दिल्ली-आगरा-ग्वालियर-भोपाल-इटारसी-मुंबई
    (2) दिल्ली-रतलाम-नागदा-मुंबई
    (3) मुंबई-इटारसी-जबलपुर-कटनी-कोलकाता
    (4) मुंबई-इटारसी-जबलपुर-कटनी-इलाहाबाद
    (5) दिल्ली-मुंबई-बीना-भोपाल-इटारसी-हैदराबाद-चेन्नई

    (22) मध्यप्रदेश का पहला रेलमार्ग इलाहाबाद-जबलपुर सन् 1867 में खुला।

  • Atmanirbhar Bharat

    आत्मनिर्भर भारत योजना की शुरुआत -12 मई 2020

    योजना का नाम – आत्म निर्भर भारत अभियान योजना

    आत्म निर्भर भारत अभियान की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कोरोना वायरस की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए की थी| इस अभियान के द्वारा भारत में लोगों को कामकाज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और यह प्रयत्न किया जाएगा कि अगले कुछ सालों में भारत अपनी जरूरतों की अधिकतर वस्तुएं अपने देश में ही तैयार करें अर्थात आत्मनिर्भर बन जाए| इसका मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति को सुधारना है जिससे कि देश की इकोनॉमी वापस पहले जैसी हो सके|

    आत्म निर्भर भारत बनने की जरुरत क्यों है – भारत प्राचीन काल से ही संसाधनों से परिपूर्ण देश रहा है|यहां हर प्रकार के चीजों को बनाने और उसका अपने जीवन में उपयोग कर अपने राष्ट्र निर्माण में मदद कर सकता है |समस्त विश्व में केवल भारत ही ऐसा देश है जहां प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं जो कि बिना किसी देश की मदद से जीवन से लेकर राष्ट्र निर्माण की वस्तुएं बना सकता है और आत्मनिर्भरता के सपने को पूरा कर सकता है|

    • हालांकि भारत को आत्मनिर्भर बनाने का सपना नया है यह सपना महात्मा गांधी ने आजादी के बाद ही स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया था, पर गरीबी और भुखमरी के कारण उनका सपना साकार ना हो सका|
    • कोरोनावायरस के कारण पिछले कई महीनों से सारा विश्व बंद पड़ा है, जिसके कारण समाज के सभी वर्गों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है खासतौर से हमारे छोटे और मध्यम वर्ग के परिवारों को कमाने खाने की समस्या काफी बढ़ गई है|
    • कोरोना महामारी के कारण किसी भी देश से वस्तुओं का आयात निर्यात बंद है| इसलिए मई के महीने में तालाबंदी के दौरान हमारे प्रधानमंत्री ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का आव्हान किया| उन्होंने “लोकल फॉर वोकल” का नारा दिया जिसका अर्थ है कि लोकल में बनी वस्तुओं का उपयोग और उनका प्रचार करना और एक पहचान के रूप में आगे बढ़ना|
    • महामारी के दौरान चीन ने भारत के डोकलाम सीमा क्षेत्र में कब्जा करने की कोशिश की जिसमें भारत के लगभग 20 जवान शहीद हो गए सीमा के इस विवाद में भारत के सैनिकों की क्षति के कारण देश के हर कोने से चीनी सामान को प्रतिबंधित करने की मांग के साथ ही चीनी सामानों को बंद कर दिया गया और प्रधानमंत्री ने सारे देश को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनकर घरेलू चीजों का इस्तेमाल करें ताकि हमारा राष्ट्र मजबूती के साथ खड़ा हो सके|
    • वर्तमान वैश्वीकरण के युग में आत्मनिर्भरता (self -Reliance) की परिभाषा में बदलाव आया है आत्मनिर्भरता आत्म केंद्रित (Self-Centered) से अलग है|
    • भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की संकल्पना में विश्वास करता है |चूँकि भारत दुनिया का ही एक हिस्सा है, अतः भारत उन्नति करता है तो ऐसा करके वह दुनिया की उन्नति में भी योगदान देता है|ऐसा करके भारत दुनिया को प्रगति पथ पर अग्रसर करने में मदद करेगा |

    मिशन की बिंदुवार व्याख्या

    • मिशन को दो भागों में लागु किया जायेगा :

    प्रथम भाग में – चिकित्सा, वस्त्र, इलेक्ट्रानिक, प्लास्टिक, खिलौने जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके |

    द्वितीय भाग में – इस चरण में रत्न एवं आभूषण, फार्मा, स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जायेगा |

    आत्म निर्भर भारत अभियान निम्नलिखित पांच स्तम्भों पर आधारित है |

    • अर्थव्यवस्था
    • अवसंरचना
    • प्रोधोगिकी संचालित प्रणाली
    • वाइब्रेंट डेमोग्राफी
    • मांग

    आत्मनिर्भर भारत अभियान 3. 0 लाभ तथा विशेषताएं

    • आत्मनिर्भर भारत अभियान 3. 0 की घोषणा हमारे देश की वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई है|
    • इस योजना को देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए आरंभ किया गया है|
    • हां अमित आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 में 12 नई घोषणा की गई है जिसके माध्यम से अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा|
    • आत्मनिर्भर भारत अभियान को कोरोनावायरस की महामारी के चलते आरंभ किया गया था|
    • इस योजना के अंतर्गत सभी क्षेत्रों के विकास के लिए निवेश किया गया है|

    अब तक घोषित प्रोत्साहन का सारांश

    • प्रधान मंत्री गरीब कल्याण पैकेज़ – 1,92,800 करोड़ रूपये
    • आत्म निर्भर भारत अभियान 1.0 – 11,02,650 करोड़ रूपये
    • प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना – 82,911 करोड़ रूपये
    • आत्म निर्भर भारत अभियान 2.0 – 73,000 करोड़ रूपये
    • अर्जुन निर्मल भारत अभियान 3.0 – 2,65,080 करोड़ रूपये
    • RBI Measures – 12,71,200 करोड़ रूपये
    • Total- 29,87,641 करोड़ रूपये