Tribes of Madhya Pradesh

ट्राइब्स ऑफ़ मध्यप्रदेश (सामान्य ज्ञान)

ट्राइब्स ऑफ़ मध्यप्रदेश (सामान्य ज्ञान)

  • मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति आयोग का गठन वर्ष 1995 में किया गया था |
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) के अंतर्गत, प्रदेश में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण तथा अनुसूचित जातियों के हितों कि रक्षा के लिए सुझाव देने हेतु मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल का गठन किया गया है |इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री एवं उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री होते है |अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल में 25 सदस्य होते है |
  • मध्य प्रदेश में जनजाति संग्रहालय भोपाल में स्थित है|
  • मध्य प्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम की स्थापना कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के अंतर्गत 29 सितंबर, 1994 को की गई इसका उद्देश्य जनजातीय समाज का आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास करना है|
  • मध्य प्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद की स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी, जिसका उद्देश्य जनजातीय वर्ग के शिक्षित बेरोजगारों युवाओं के लिए तकनीकी एवं व्यवहारिक क्षेत्र में कुशलता का विकास कर उनके आर्थिक अवसरों में वृद्धि करना है |
  • वर्ष 1980 में वन्या प्रकाशन की स्थापना अनुसूचित जनजाति, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संयुक्त उपक्रम के रूप में हुई थी जिसका उद्देश्य प्रदेश की आदिवासी संस्कृति से संबंधित श्रेष्ठ साहित्य को आदिवासी समाज तक पहुंचाना है|
  • 20 मार्च, 1980 में उद्यमी विकास संस्थान की स्थापना की गई थी| इसका उद्देश्य अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति तथा आर्थिक रूप से पिछड़े हुए व्यक्तियों को उद्योग स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण तथा आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान करना है|
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 341 में सूचीबद्ध जातियां अनुसूचित जातियां कहलाती है|
  • इस समय 47 से अधिक जातियां मध्य प्रदेश में है |
  • राज्य कि सबसे बड़ी अनुसूचित जाति जाटव है |
  • सर्वाधिक अनुसूचित जाति इंदौर जिले में है |
  • न्यूनतम अनुसूचित जाति झाबुआ जिले में है |

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