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मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन

इस लेख मे मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन को संक्षिप्त में विश्लेषित किया गया है।

इस लेख मे मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन को संक्षिप्त में विश्लेषित किया गया है।

मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन

परिचय
वर्ष 1950 के मध्यप्रदेश पुलिस कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी IPS बी.पी. दुबे को वर्ष 1982 में  मध्यप्रदेश पुलिस का प्रथम पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया था। वर्तमान में IPS  विजय कुमार सिंह (30 जनवरी, 2019) को पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है।

मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी पद पुलिस महानिदेशक (DGP) होता है, जिसका सृजन वर्ष 1982 में किया गया है। पुलिस महानिदेशक गृह सचिव के अधिनस्थ कार्य करता है। वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश पुनर्गठन के समय मध्यप्रदेश पुलिस के सबसे वरिष्ठ अधिकारी के रूप में पुलिस महानिरीक्षक का पद सृजित किया गया था किन्तु वर्ष 1982 से मध्यप्रदेश पुलिस के सर्वोच्च पुलिस अधिकारी के रूप में पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद सृजित किया गया है।

मध्यप्रदेश पुलिस सेवा संवर्ग की प्रथम महिला IPS अधिकारी आशा गोपालन थी, जिनका जन्म 14 सितंबर 1952 को भोपाल में हुआ था। आशा गोपालन वर्ष 1976-77 में भारतीय पुलिस सेवा को उत्तीर्ण कर मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की प्रथम महिला पुलिस अधिकारी नियुक्त हुई थी। IPS आशा गोपालन को वर्ष 1984 में राष्ट्रपति द्वारा Gallantry Police Medal प्रदान किया गया था. उन्होंने भोपाल में अनाथ एवं शोषित गरीब बच्चों के आवास, भोजन व शिक्षा के लिए नित्य सेवा नामक NGO की स्थापना की थी। इसके अतिरिक्त आशा गोपालन ने कलर्स ऑफ इंडिया (Colors of India) नामक पुस्तक का लेखन भी किया है।

वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश के गठन के समय प्रदेश का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी पुलिस महानिरीक्षक होता था तथा पुलिस प्रशासन की दृष्टि से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश को 5 रेजो क्रमश: ग्वालियर इन्दौर, रीवा, जबलपुर और रायपुर में विभक्त किया गया था। वर्तमान मध्यप्रदेश को 11 आई जी. जोन, 15 डी.आई.जी. जोन और 52 जिला पुलिस मुख्यालयों में विभक्त किया गया है।

पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर को मनाया जाता है।

वर्ष 1999 में मध्यप्रदेश ग्राम तथा रक्षा समिति विधेयक प्रभावी किया गया ।

मध्यप्रदेश राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण का मूख्यालय है-भोपाल (कार्यालय प्रमुख महानिदेशक)।

मध्यप्रदेश राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो का गठन वर्ष 1983 में किया गया ।

प्रत्येक पुलिस रेंज के लिए एक ‘उप-महानिरीक्षक’ (DIG) होता है । उप-संभाग को जिलों में बांटा गया है । सभी राजस्व जिलों को पुलिश जिला मान लिया गया है, जिसका नियंत्रण अधिकारी ‘पुलिस अधीक्षक(SP) होता है । पुलिस जिले पुनः विभिन्न थानों में बंटे होते है । थाने की जिम्मेदारी’थानेदार’ की होती है । कुछ थानों के ऊपर S.D.O.P. होता है ।.C. S.P., D. S P. एवं S. D .O. P समतुल्य पद होते। है ।

शासकीय रेलवे पुलिस
राज्य में रेलवे पुलिस को तीन पुलिस सेक्शनों-भोपाल सेक्शन, इंदौर सेक्शन, और जबलपुर सेक्शन में विभक्त किया गया है । इनके लिए रेलवे पुलिस का सबसे बड़ा अधिकारी’रेलवे पुलिस महानिरिक्षक’ नियुक्त किया गया है । मध्यप्रदेश रेलवे पुलिस मध्य रेलवे, दक्षिण। रेलवे और उत्तर रेलवे की प्रतिदिन चलने वाली गाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था करती है।

विशेष सशस्त्र बल
राज्य के उत्तरी तथा पूर्वी क्षेत्रों में डाकुओं की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए 1968 में मध्य प्रदेश विशेष सशस्त्र बल अधिनियम लागू किया गया। इसके तहत जिला पुलिस बल की मदद हेतु वर्तमान में विशेष सशस्त्र बल की 36 बटालियनें कार्यरत है, जिनमें से दो बटालियनें असम तथा केम्प क्लारी में कार्यरत है। विशेष सशस्त्र बल के लिए भी एक पृथक् महानिरीक्षक की नियुक्ति की गई है।

इन्दौर जिले में DIG पद की स्थापना SSP पद के नाम से प्रथमतः की गयी थी।

सागर में पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय 1906 में खुला, जो 1936 में कॉलेज में परिवर्तित किया गया इसे अकादमी का दर्जा देकर इसका नाम जवाहर लाल नेहरू पुलिस अकादमी किया गया है।
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महिला पुलिसथाना भोपाल में स्थापित है।

होमगार्ड :
राज्य में होमगार्ड पैरा पुलिस फोर्स के रूप में कार्यरत है और इसका मुख्यालय जबलपुर में है। इसका प्रमुख अधिकारी महानिदेशक होता है। इसके आरक्षक को नगर सैनिकों के नाम से जाना जाता है जिनकी सेवाएं ट्रैफिक, सपत्तियों की रक्षा व विशेष अवसरों के समय ली जाती हैं।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 30 किमी. दूर भौरी नामक स्थान पर 98 एकड़ क्षेत्र में मध्यप्रदेश राज्य पुलिस अकादमी की स्थापना की गई है, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस से उप-निरीक्षक व उप पुलिस अधीक्षक पद में चयनित अभ्यार्थीयों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। राज्य पुलिस अकादमी में इन्टीग्रेटिव पुलिस ट्रेनिग कॉम्पलेक्स भी स्थापित किया गया है। 29 जनवरी, 2019 को राज्य पुलिस प्रशिक्षण अकादमी भौरी, भोपाल में मणिपुर कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी IPS के.टी. वैफेई को डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।

मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के अंतर्गत कान्हासैया नामक स्थान पर वर्ष 2012 केन्द्रीय पुलिस अकादमी  की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई थी। 1 जून, 2018 को तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने केन्द्रीय पुलिस अकादमी (CAPT) का उद्घाटन किया था।  केंद्रीय पुलिस अकादमी भोपाल में राज्य एवं केन्द्रीय पलिस के ग्रुप A  अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान  किया जाता है। वर्तमान में इस अकादमी के डायरेक्टर I P S श्री पवन श्रीवास्तव है।

रुस्तम  जी सशत्र पुलिस महाविद्यालय, इंदौर की स्थापना वर्ष 1980 में की गई, जिसे वर्ष 1988  में पूलिस महाविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया। वर्ष 2003 में भूतपूर्व पुलिस महानिरीक्षक श्री के. एफ. रुस्तम की स्मृति में इसका नाम रुस्तम जी सशस्त्र पुलिस महाविद्यालय रखा गया।

आर्थिक सर्वेक्षण 2018 19 के अनुसार वर्तमान मध्यप्रदेश में कुल 130  जेलें है, जिनमें 11  केन्द्रीय जेले, 41 जिला जेले, 73 उप-जेलों  एवं 5 खुली जेले संचालित हैं। वर्ष 2019 के अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले में 12वीं केन्द्रीय जेल के स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है । अगस्त 2019 के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश में खुली जेलों की संख्या 6 है।

मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 19 के अंतर्गत देश की तीसरी तथा प्रदेश की प्रथम हाई सिक्योरिटी अंडा सेल जेल भोपाल में लगभग 20,000 वर्ग फिट क्षेत्र में 4 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश में छिदवाड़ा एवं सागर जिलो में भी अंडा सेल के निर्माण की  स्वीकृति प्रदान की गई है।

मध्यप्रदेश के सागर जिले में राजा ऊदन शाह के द्वारा निर्मित किले (1660 ई.) में वर्ष 1906 में पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम प्राचार्य श्री जी.डब्ल्यू. गेयर थे। वर्ष 1936 में इस पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय को पुलिस महाविद्यालय एवं वर्ष 1986 में पुलिस अकादमो का दर्जा प्रदान किया गया था। पुलिस अकादमी का दर्जा प्राप्त होने के पश्चात् इस पुलिस प्रशिक्षण संस्थान को जवाहर लाल नेहरू पुलिस अकादमी नाम प्रदान किया गया।

जिला पुलिस प्रशासन को अभियोजन शाखा जिला कलेक्टर के अंतर्गत आती है।

प्रधम मेट्रो थाना है-हबीबगंज।

प्रथम ISO प्रमाणन धाना है-देवास।

मध्य प्रदेश पुलिस की नेट सुविधा है-पोलनेट।

6 जून 2019 को मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में राज्य महिला पुलिस अकादमी के स्थापना की  स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए जबलपुर जिले में रानी दुर्गावती महिला पुलिस बटालियन एवं प्रशिक्षण केन्द्र के स्थापना की घोषणा की गई है।

मध्यप्रदेश पुलिस का ध्येय वाक्य ‘ देश भक्ति जान सेवा’ है, जिसे 1 नवम्बर, 2017 से प्रदेश के समस्त पुलिस कर्मचारियों को अपनी वर्दी पर लगाना अनिवार्य किया गया है । मध्यप्रदेश में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मध्यप्रदेश पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

मध्यप्रदेश के दक्षिणांचल में छत्तीसगढ़ सीमा से लगे हुए बालाघाट जिले को अत्यधिक नक्सल प्रभावित जिला घोषित किया गया है । बालाघाट जिले में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ( माओवादी) के मुख्यतः मलाजखण्ड दलम, टांडा दलम एवं दर्रेकसा दलम संगठन नक्सल गतिविधियों में संलग्न हैं । बालाघाट में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों व आंतरिक सुरक्षा के लिए 36वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल का गठन 04 अगस्त, 2015 को किया गया ।

By competitiveworld27

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